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amit Tyagi
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By  amit Tyagi   23:57 | 10/Jul/2008 | 0 Comment(s)
khubsuart manjar

कितना खुबसूरत हैं देखो ये मंजर,

जब तुम सो रही हो मेरे सिने पर रख के सर!

और मैं तुम्हारे बालों को सहला रहा हूँ,

चाँद से हसीं चेहरे को देखता जा रहा हूँ,

खुदा ये रात ना बीते, ना आई कभी कल,

कितना खुबसूरत हैं देखो  ये मंजर!!!

 

सोते हुए चेहरे पर मुस्कराहट हैं छाई,

लगता हैं मानो सरे जहाँ की खुशियाँ सिमट आई,

तुम यु ही खुश रहो सदा, चाहे आई जो भी पल,

कितना खुबसूरत हैं देखो ये मंजर,

जब तुम सो रही हो मेरे सिने पर रख के सर.

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By  amit Tyagi   23:48 | 10/Jul/2008 | 0 Comment(s)
Meri khusi

मैं जानता हूँ की तुम मुझे मिल नही सकती,

फ़िर भी मैं पल-दो-पल की खुशी के लिए,

तुम से मिलता जाता हूँ!!

 

जानता हूँ की ये राह नही पहुँचती तुम तक,

फ़िर भी ना जाने किस आस मैं मैं,

इस राह पर चलता जाता हूँ!!!

 

तुम्हारे चेहरे पर हसीं देखने का इतना आदि हो गया हूँ मैं,

की तुम्हे हँसाने  और खुस देखने के लिए मैं,

ख़ुद को भी भूलता जाता हूँ!!!!

 

आज तलक हुई हर खवाहिश पुरी मेरी,

मेरा परवरदिगार ही बना रहनुमा मेरा,

पर आज मेरी सुन कर तुम्हारी सुने,

मैं ये फरियाद करता जाता हूँ!!!!

 

मैं जानता हूँ की तुम मुझे मिल नही सकती,
फ़िर भी मैं पल-दो-पल की खुशी के लिए,
तुम से मिलता जाता हूँ!!

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By  amit Tyagi   00:54 | 25/Apr/2008 | 0 Comment(s)
Chand se gujarish

ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा,
महबूब मेरा सोया हैं या जगा,
मुझे ख़बर उसकी बतला  तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!!


मैं हूँ यहाँ, वो दूर है मुझसे,
इसलिए ही ये कहता हूँ  तुझसे ,
थोडी सी रौशनी  मेरे प्यार की,
उनके चेहरे पे बिखरा  तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!!!


देखो, शरमा मत जाना जब देखो उनकी खूबसूरती को,
आशिक  मैं हूँ उनका , तुम मत दिल दे आना उन्हीको ,
जा एक लम्हा ही सही, मुझे उनका  दीदार करा तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!!!!


बालो की लटे अगर उनके  चेहरे पर पड़ी हो ,
तो  गुजारिश पे मेरी  उन्हें  चेहरे से हटा तो जरा,
देखो  वो मुस्कुराई सोच कर की मैं हूँ,
कदमों के निशान उनके सिरहाने छोड़ कर आ तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!!!!


अगर तुझे आए शरम उनकी खूबसूरती देख कर,
तो तुम बदलो की ओट मैं छिप जाना,
अगर वो लगे तुझे ख़ुद से ज्यादा हसीन,
तो एक झलक उनकी मुझे भी दिखलाना,
जा मेरा ये छोटा सा काम कर के आ तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा,


नाम ले कर मेरे बाँहों मैं उसे भर तो जरा,
सिने से लगा कर,
बाँहों मैं उठा कर..
मेरी तरफ़ से उसे प्यार कर तो जरा,
फ़िर कहना उन्हें  की मैं दूर ही सही
किस्मत के हाथों मजबूर ही सही,
लेकिन दिल-ओ-इमान मेरा उसके कदमो मैं हैं धरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन्हें  देख कर आ तो जरा!!!!


ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा,
महबूब मेरा सोया हैं या जगा,
मुझे ख़बर उसकी बतला  तो जरा,
ऐ चन्दा जा खिड़की से उन देख कर आ तो जरा!!

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By  amit Tyagi   00:46 | 18/Apr/2008 | 1 Comment(s)
Haan deewana hun tera

हाँ में हूँ, दीवाना तेरा,


खुश हूँ में जल कर भी,


बनकर परवाना तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा !!!


 


दिए की लो जब भुजने लगे,


आँखों की रौशनी ढलने लगे,


चेहरा जब न पहचान में आने लगे,


तब में बनूँगा  ठिकाना तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा,


खुश हूँ में जल कर भी,


बनकर परवाना तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा !!!


 


तुम जानो या ना जानो,


मुझे अपना मनो या ना मानो,


 पर में ही हूँ अफसाना तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा,


खुश हूँ में जल कर भी,


बनकर परवाना तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा !!!


 


मोहब्बत ना होती ,


कभी अगर तुम ना होते,


ये चेहरे न मुस्काते,


अगर तुम न होते,


कालिया खिलती हैं नाम लेकर तेरा,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा,


खुश हूँ में जल कर भी,


बनकर परवाना तेरा ,


हाँ में हूँ दीवाना तेरा !!! 
 

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By  amit Tyagi   06:15 | 3/Mar/2008 | 4 Comment(s)
bin tumhare

क्यो कुछ रीश्तों को  यूं तोड़ दिया जाता हैं,
जिनके हिस्से मैं ना आगाज अंजाम आता हैं,
क्यों कुछ रिश्तो को यूं तोड़ दिया जाता हैं!
 
आज सोचता हूँ तो असमंजस से भरा हूँ मैं,
ये कौन सा रिश्ता था तुमसे जिस से यूं बंधा था मैं,
तुम ही थी बस इस जोड़ने वाली,
बस यूं ही  कुछ कदम ही साथ चला था मैं,
फ़िर भी क्यों बैचैन हूँ,
क्यों अपनी रातों की नींद से महरूम हूँ
क्यों रहता है सिर्फ़ तुम्हारे ख़याल दिल दिमाग मैं,
क्यों हर लम्हे तुम्हे याद करता हूँ!
क्यों मेरी जिंदगी से ये दर्द नही जाता हैं,
क्यों कुछ रिश्तो को यू तोड़ दिया जाता हैं
जिनके हिस्से मैं आगाज अंजाम आता हैं,
 
मैं नही जानता की मैं तड़प रहा हूँ
या तुम तड़पा  रही हो मुझ्र,
ख्याल हैं तो बस इतना की,
तुम बहुत याद रही हो मुझे,
एक बार मुआफी मांग लेना चाहता हूँ ,
क्यों बात ना  करके, सता रही हो मुझे,
जानता होता खता अपनी तो सुधार लेता,
बिना इल्जाम लगाए क्यों रुला रही हो मुझे,
जानता हूँ नही मरूँगा इश्क मैं तुम्हारे,
पर बिन तुम्हारे रहा भी तो नही जाता हैं,
क्यों कुछ रिश्तों को यूं तोड़ दिया जाता हैं,
जिनके हिस्से मैं आगाज अंजाम आता हैं
 
 

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By  amit Tyagi   22:53 | 4/Feb/2008 | 1 Comment(s)
ye kya ho gaya hun main

सब कुछ मेरा हैं,
ये लगता था मुझे,
जब छिना मुझसे तो जाना मैंने
कि कुछ भी मेरा नही था,

मैं जितना चाहता था तो,
चाहिऐ थी मुझे महनत करनी,
चाहिऐ था उठा सकता फ़ायदा
मिले हुए सब मौकों का

चाहता था मीठी बातें कहूँ,
मीठा मीठा कुछ बोलूं लोगो से,
par अन्दर कि कड़वाहट कह न paati कुछ भी मीठा,
खो देता उनको जो करीब आते थे,
उठा न पता बोझ उनकी नाज्दिकियों का,


वक़्त गवाह रह हैं कि कोई साथ न रह मेरे
कुछ महीनों से ज्यादा
मैं दूर होता चला गया,
जैसे जिंदगी दूर होती जाती हैं,
हर बीते लम्हे के साथ,
जैसे पल पल मिल कर बनाते हैं जिंदगी का ताना बाना
मैं पल पल जोड़ता हुआ तोड़ता जाता हूँ,

क्या कहूँ कहना बेमाने लगता हैं
मेरा रिश्ता बस मुझे से ही जुड़ता हैं
मैं खुश सा हूँ खुद के साथ,
क्यूंकि मैं सह नही पता किसी के शब्दों को,
मैं कह भी नही पता शब्दों को,

आज कल तो काले साले से अक्षर भी
किताबों मैं छपे हुए से,
कोई आकृति नही बनती आखों मैं,
कोई इमोशन नह्ज जुड़ता इस दिल से
वो काले अक्षर देखे हुए बिता हैं एक अरसा
रंगीन चीजे देखने का कुछ यूं आदी हो गया हूँ

मैं क्या था अब मैं क्या हो गया हूँ

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By  amit Tyagi   22:01 | 2/Feb/2008 | 2 Comment(s)
Hum Intjaar Karenge

कितना हम इन्तजार करेंगे,
कब तलक तुम से प्यार करेगे
क्या होगा जब सांसे छुट जायेंगी
क्या होगा जब हम ना रहेंगे
कितना इन्तजार करेंगे,
कब तलक तुम से प्यार करेंगे,

कोई एक आस तो हो कि तुम मिलोगी मुझे,
किसी दिन ही सही, अपना कहोगी मुझे,
जब बुलाया तुमने हम आया करेंगे
पर बुलाने पर जब न आए तो समझना
हम दुनिया मैं नही होंगे,
कितना इन्तजार करेंगे ,
कब तलक प्यार करेंगे,

याद हैं मुझे तुमने जब दिल मेरे तोड़ा था,
आँखों मैं आंसू थे, जब साथ मेरा छोडा था,
रो रो कर मैंने कहा था कि बीच मैं न छोडो,
तोड़ना ही हैं दिल मेरा तो अपनों कि तरह तोड़ो,
कम से कम याद करके मुस्कुराया तो करेंगे
कितना इन्तजार करेंगे
कब तलक प्यार करेंगे,

आज भी हम रोज मिलते हैं
रोज कदम - कदम साथ चलते हैं,
लेकिन दुरी हैं इतनी कि चाह कर भी
पार कर न सकेंगे,
कितना इन्तजार करेंगे
कब तलक प्यार करेंगे

तुम चाहती हो कि मैं साथ दूँ,
जिंदगी भर तुम्हारा,
पर तुम्हे अपना न कहूँ
ना नाम जुडे साथ तुम्हारे,
ठीक हैं जहा इतना किया ये भी किया करेंगे
जब तलक हैं सांस तब तलक प्यार करेंगे
हाँ तब तक इन्तजार करेंगे ,

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By  amit Tyagi   22:32 | 3/Jan/2008 | 1 Comment(s)
मेरी प्यारी गुडिया

मेरी प्यारी गुडिया तू, आंसू ना बहा ,
चन्दा मामा आ रहे हैं, ख्वाहिशे बता!

बहुत निख रेगी अभी , बोहोत संव रेगी,
सबसे प्यारी गुडिया तेरी, बोहोत बिकेगी,
अपनी चोटी दुकान , जरा और सजा,
चन्दा मामा आ रहे हैं ख्वाहिशे बता!!

आओ सारे बच्चों आओ,
ये गुडिया अपने घर ले जाओ,
आशु साफ कर के आवाज लगा,
चन्दा मामा आ रहे हैं, ख्वाहिशे बता !!!

तू जो है तो मेरी दुनिया रंगीन,
तेरी हसीं से बड़ा तोहफा कोई भी नही,
सबसे अनमोल आंसू तेरे, ऐसे ना बहा,
चन्दा मामा आ रहे है, ख्वाहिशे बता !!!!

खुशियों से तेरी मैं झोली भर दूँ,
जो भी मांगो तुम, वो सब तुम्हे दूँ,
रोना छोड़ अब संग - संग मेरे गा,
चन्दा मामा आ रहे हैं, ख्वाहिशे बता !!!!!

मेरी प्यारी गुडिया तू, आशु ना बहा,
चन्दा मामा आ रहे हैं, ख्वाहिशे बता!

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By  amit Tyagi   22:30 | 3/Jan/2008 | 2 Comment(s)
Aam Admi

वक़्त कि चका चौंध ने, जिसको भुला दिया,

कल के बादशाह को, गुलाम बना दिया,

उस सुप्त जवालामुखी को, जगाना है लाजिमी,

और नही कोई वो तो हैं "आम आदमी"

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By  amit Tyagi   00:51 | 16/Nov/2007 | 0 Comment(s)
Pehlu ka chanda

मैं बैठा साथ उनके, चांदनी रात कि है बात,
चाँद उठा और बदली मैं जा छिपा !

मैंने पूछा कि क्या हुआ?
तो बोला -

"शर्मा गया मैं जब मैंने तुम्हारे पहलु का चाँद देखा !!

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